कल रात
तेरी याद आई तो
हाथों मे जाम आया...
जिंदगी कभी खूबसूरत थी
यह सोच
लब पे तेरा नाम आया...
तेरी यादों मे खो कर सो गया
और खवाबों मे एक अधूरा काम आया...
मुक्त कर दिया तुझे
हर गुनाह, हर रंजिस, हर क़र्ज़ से
सुबह जगा तो देखा
बरसो बाद मेरे दर पे खुदा का पैगाम आया..

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