याद है वो लम्हा
जब इस तरह घंटो भीगता रहा
तुम्हारे इंतज़ार में,
मानो परीक्षा देरहा था
तुम्हारे प्यार में,
और फिर तुम्हें आते देख
मेरा ऐसे खुश होना
मानो बरसो सेइंतज़ार था
क्या वो इंतज़ार था
शायद वो ही तो प्यार था
उस प्यार का एक-एक पल
आज भी याद है मुझको।
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