Wednesday, October 23, 2024

मानसून की बारिश

 


याद है वो लम्हा

जब इस तरह घंटो भीगता रहा

तुम्हारे इंतज़ार में,

मानो परीक्षा देरहा था

तुम्हारे प्यार में,

और फिर तुम्हें आते देख

मेरा ऐसे खुश होना

मानो बरसो सेइंतज़ार था

क्या वो इंतज़ार था

शायद वो ही तो प्यार था

उस प्यार का एक-एक पल

आज भी याद है मुझको।


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